Logo

Charak Institute Of Nursing College

Post Tighra Madhya Pradesh Gwalior Dist. Gwalior, Madhya Pradesh, Madhya Pradesh, Gwalior, Pincode : 226021

Lists of Courses:

Courses Course Fee
GNM Nursing 600000 /-
Bachelor Of Physiotherapy. (BPT) 500000 /-
Diploma In Operation Theatre Technology(DOTT) 200000 /-

ABOUT US 

Charak Institute Of Paramedical & Health Sciences Lucknow, which has been running various Professional Courses in Lucknow, keeping in the mind the great scarcity of trained quality nurses. Institution has GNM & ANM. Programmes with the intake of 100 students per year. The Programme are run in "Charak Institute Of Paramedical & Health Sciences" situated in Maura, IIM Sitapur-Hardoi bypass Road, Lucknow.The Institution campus is located about 10km. from reputed King George's Medical College, Lucknow and all transport means are available for it.

INSTRUCTIONS

संस्थान में अध्यनरत छात्र-छात्राओं हेतु सामान्य नियम

उपस्थिति सम्बन्धी

इण्डियन नर्सिंग काउन्सिल, नई दिल्‍ली एंव उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टी के दिशा निर्देशों के अनुरूप सभी पाठयक्रमों में कक्षाओं में न्यूनतम 80 प्रतिशत एंव अस्पताल ड्यूटी में न्यूनतम 90 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। à¤‰à¤ªà¤°à¥‹à¤•्त से कम उपस्थिति होने पर छात्र / छात्रा को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी | जिसका समस्त उत्तरदायित्व छात्र / छात्रा को होगा।

विशेष परिस्थितयों में जैसे- गम्भीर बीमारी, दुर्घटना इत्यादि की स्थिति में कोई छात्र/ छात्रा, कक्षा/ अस्पताल ड्यूटी में उपस्थित नहीं रह पाती तो उसको समस्त प्रमाणों सहित प्रधानाचार्य को लिखित आवेदन करना होगा। आवेदन सही पाये जाने पर उपरोक्त छात्र,छात्रा को विशेष अतिरिक्त कक्षाओं में उपस्थित रहकर उपस्थिति की कमी को पूर्ण करना होगा। à¤‰à¤ªà¤°à¥‹à¤•्त अतिरिक्त कक्षाओं का शुल्क छात्र / छात्रा को निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त देना होगा |

अवकाश सम्बन्धी

संस्थान नियमितता एवं अनुशासन को अत्याधिक महत्व देता है। अतः संस्थान द्वारा घोषित अवकाशों के अतिरिक्त छात्र/ छात्रा को केवल विशेष परिस्थितयों में ही अवकाश स्वीकृत किया जाता है। उपरोक्त अवकाश की पूर्व अनुमति सम्बन्धित पाठ्यक्रम प्रधानाचार्य / प्रधानाचार्या से लिखित रूप में लेना अनिवार्य है।

ड्रेस कोड सम्बन्धी

संस्थान में प्रत्येक पाठयक्रम हेतु अलग ड्रेस निर्धारित है। किसी भी छात्र / छात्रा को उपरोक्त निर्धारित ड्रेस के बिना संस्थान में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती। अतः समस्त छात्र/छात्राओं को सलाह दी जाती है कि कम से कम निर्धारित ड्रेस की दो जोड़ी अपने पास अवश्य रखें | इसके अतिरिक्त छात्र / छात्रा को संस्थान परिसर में एप्रन पहनना भी अनिवार्य है | उपरोक्त एप्रन छात्र / छात्रा को निर्धारित शुल्क का भुगतान कर संस्थान से ही खरीदना पड़ता है । इस एप्रन पर संस्थान का लोगो अंकित रहता है।

अन्य नियम

संस्थान परिसर में मोबाइल के प्रयोग पर पूर्णतया प्रतिबन्ध है | छात्र/ छात्रा अगर संस्थान परिसर में मोबाइल लेकर आते है तो उनको इस मोबाइल फोन को स्विच ऑफ करके अपने बैग में ही रखना होगा | अनुशासन समिति के सदस्यों द्वारा आकस्मिक निरीक्षण के दौरान अगर मोबाइल फोन ऑन अवस्था में अथवा छात्र छात्रा को उपरोक्त का प्रयोग करते पाया गया तो न केवल मोबाइल फोन पाठ्यक्रम की पूर्व अवधि हेतु जब्त कर लिया जायेगा बल्कि छात्र, छात्रा को रू0 4000/- दण्ड भी भुगतना होगा।

संस्थान परिसर में पान-मसाला, सुपारी, तम्बाकू, धूम्रपान एवं अन्य किसी भी इस प्रकार की साम्रगी पर सख्त प्रतिबन्ध लागू है। कोई भी छात्र/छात्रा उपरोक्त का प्रयोग करता हुआ पाया गया अथवा उसके पास से उपरोक्त वस्तुएं बरामद हुई तो प्रथम बार पकड़ने पर रू0 5000 /- जुर्माना छात्र / छात्रा द्वारा देय होगा। दोबारा पुनरावृत्ति होने पर छात्र / छात्रा को संस्थान से निष्कासित कर दिया जायेगा।

कोई भी छात्र/छात्रा अगर ऐसे व्यवहार का दोषी पाया गया जाता है जिससे संस्थान की सम्पत्ति अथवा संस्थान की छवि अथवा संस्थान के वातावरण को क्षति पहुँचती है तो उपरोक्त छात्र/छात्रा के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी |

संस्थान में रैगिंग पूर्णतया प्रतिबन्धित है | दोषी छात्र के विरूद्ध माननीय उच्चतम्‌ न्यायालय के दिशा निर्देशों के अनुसार न केवल निष्कासन की कार्यवाही की जायेगी बल्कि उसके विरूद्ध एफ0आई0आरए0 भी दर्ज करायी जायेगी |

Courses

DIPLOMA IN GENERAL NURSING & MIDWIFERY (GNM)

डिप्लोमा इन जी०0एन0एम0० अर्थात 'General Nursing & Midwifery' एक 3 ½ वर्षीय पाठ्यकम है जिसके पूर्ण होने पर प्रशिक्षार्थी स्टाफ नर्स बन सकता/सकती है जबकि डिप्लोमा इन ए0एन0एम0 'Auxiliary Nurse & Mindwifery' 1 ½ वर्षीय पाठयकम है जिसके पूर्ण होने पर प्रशिक्षार्थी 'हेलथ वर्कर' के रूप में सरकारी नौंकरी प्राप्त कर सकता/सकती है। उपरोक्त दोनो पाठ्यकमों का प्रमुख आकर्षण है प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में निकलने वाली सरकारी नौकरियों की जगह, लगभग प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को सरकारी नौकरी अवश्य प्राप्त हो जाती है ।।

अगर कोई अभ्यर्थी विकसित देशों जैसे- यूरोप, अमेरिका, आस्ट्रेलिया, में अपना कैरियर बनाना चाहता है तो नर्सिंग से उत्तम कोई पाठ्यकम नहीं है क्योंकि हमारे देश की प्रशिक्षित नर्सो की विकसित देशों में भारी मांग है । और इन सबसे ऊपर है वह सन््तो ष की भावना जो एक नर्स को रोगी की सेवा एवं सफल उपचार के उपरान्त प्राप्त होती है एवं जिसका अनुभव केवल एक नर्स ही कर सकता/सकती है।

निष्कर्ष- कैरियर चुनने में प्रत्येक व्यक्ति को अत्यन्त सावधानीपूर्वक निर्णय लेना चाहिये और उस निर्णय का आधार ठोस तथ्यों पर आधारित जानकारी भी होना चाहिये न कि भेड़-चाल की भावना। उपरोक्त लेख का उद्वेश्य पैरामेडिकल क्षेत्र में संचालित विभिन्न पाठ्यकमों के विषय में सामान्य जानकारी उपलब्ध कराना है। तो अगर आप इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण करने के उपरान्त पैरामेडिकल क्षेत्र में कैरियर गढ़ना चाहते हैं तो किस ी एक पाठ्यकम का चयन कर स्रुनिश्चित भविष्य का श्री गणेश कीजिए | आपका स्वागत है।

ELIGIBILITY CRITERIA FOR NURSING PROGRAMS

  •  The minimum age for admission shall be 17 years on or before 31st December of the year in which admission is sought.
  •  The maximum age for admission should not be above 35 years on or before 30 September.

Minimum Education:

  •  10+2 class passed preferably Science (PCB) & English with aggregate of 40% marks.
  •  10+2 in Arts and English core / English Elective passing out from recognized Board under AISSCE/CBSE/SSCE/HSCE or other equivalent Board with 40% marks.
  •  Student shall be medically fit.
  •  Student qualified in 10+2 Arts or Science examination conducted by National Institute of Open School with 40% marks.
  •  Student shall be admitted once in a year.
DIPLOMA IN AUXILIARY NURSE & MIDWIFE/H.W.(FEMALE)

डिप्लोमा इन जी०0एन0एम0० अर्थात 'General Nursing & Midwifery' एक 3 ½ वर्षीय पाठ्यकम है जिसके पूर्ण होने पर प्रशिक्षार्थी स्टाफ नर्स बन सकता/सकती है जबकि डिप्लोमा इन ए0एन0एम0 'Auxiliary Nurse & Mindwifery' 1 ½ वर्षीय पाठयकम है जिसके पूर्ण होने पर प्रशिक्षार्थी 'हेलथ वर्कर' के रूप में सरकारी नौंकरी प्राप्त कर सकता/सकती है। उपरोक्त दोनो पाठ्यकमों का प्रमुख आकर्षण है प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में निकलने वाली सरकारी नौकरियों की जगह, लगभग प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को सरकारी नौकरी अवश्य प्राप्त हो जाती है ।

अगर कोई अभ्यर्थी विकसित देशों जैसे- यूरोप, अमेरिका, आस्ट्रेलिया, में अपना कैरियर बनाना चाहता है तो नर्सिंग से उत्तम कोई पाठ्यकम नहीं है क्योंकि हमारे देश की प्रशिक्षित नर्सो की विकसित देशों में भारी मांग है । और इन सबसे ऊपर है वह सन््तो ष की भावना जो एक नर्स को रोगी की सेवा एवं सफल उपचार के उपरान्त प्राप्त होती है एवं जिसका अनुभव केवल एक नर्स ही कर सकता/सकती है।

निष्कर्ष- कैरियर चुनने में प्रत्येक व्यक्ति को अत्यन्त सावधानीपूर्वक निर्णय लेना चाहिये और उस निर्णय का आधार ठोस तथ्यों पर आधारित जानकारी भी होना चाहिये न कि भेड़-चाल की भावना। उपरोक्त लेख का उद्वेश्य पैरामेडिकल क्षेत्र में संचालित विभिन्न पाठ्यकमों के विषय में सामान्य जानकारी उपलब्ध कराना है। तो अगर आप इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण करने के उपरान्त पैरामेडिकल क्षेत्र में कैरियर गढ़ना चाहते हैं तो किस ी एक पाठ्यकम का चयन कर स्रुनिश्चित भविष्य का श्री गणेश कीजिए | आपका स्वागत है।


ELIGIBILITY CRITERIA FOR NURSING PROGRAMS

  •  The minimum age for admission shall be 17 years on or before 31st December of the year in which admission is sought.
  •  The maximum age for admission should not be above 30 years on or before 30 September.

Minimum Education:

  •  10 + 2 in science or Arts (English is optional) passing out from recognized Board.
  •  Student shall be medically fit.
  •  Students qualified in 10+2 Arts or Science examination conducted by National Institute of Open School.
  •  Student shall be admitted once in a year.
DIPLOMA IN PHYSIOTHERAPY

डिप्लोमा इन फिजियोथेरेपी पाठ्यकम को उत्तीर्ण करने के उपरान्त प्रशिक्षार्थी फिजियोथेरेपी के माध्यम से विभिन्न रोगो की चिकित्सा करने हेतु सक्षम एवं अधिकृत हो जाता है। आर्थेपैडिक सर्जन, महिला रोग विशेषज्ञ, तन्त्रिका रोग विशेषज्ञ, प्लास्टिक सर्जन, सामान्य चिकित्सक इत्यादि अनेकों रोगो की चिकित्सा में तब तक रोगी को पूर्ण लाभ नहीं दे पाते जब तक कि एक फिजियोथेरेपिस्ट व्यायाम के द्वारा एवं उपलब्ध विभिन्न मशीनों के द्वारा उस रोगी की चिकित्सा में सहयोग न करें। दूसरे शब्दों में कहे तो ऐसे कई रोगों की चिकित्सा फिजियोथेरेपिस्ट की सहायता के बगैर सम्भव नहीं है। धीमे-धीमे शहरों, कस्बों एवं गांव में भी फिजियोथेरेपिस्ट की मांग बढ़ रही है। कुछ प्रमुख रोग जिनकी चिकित्सा में फिजियोथेरेपिस्ट की भूमिका अत्याधिक अहम होती है वे है - लकवा, फैक्चर, गठिया, जोड़ों में दर्द, स्पान्डलाइटिस,स्लिप डिस्क, नसों का दर्द, मांसपेशियों का दर्द, मांसपेशियों में खिचाव एवं खेलकूद में होने वाली चोटें।

इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण छात्र/छात्रा महज दो वर्ष के पाठ्यकम को लगनपूर्वक समाप्त कर उपरोक्त रोगों की चिकित्सा में योगदान कर सकते है। पाठ्यकम की समाप्ति पर फिजियोथेरेपिस्ट सरकारी एवं निजी चिकित्सालय में रोजगार प्राप्त तो कर ही सकते हैं, साथ डी अपना निजी क्जनीनिक भी शुरू कर सकते है । हमारे संस्थान में समस्त आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित विशाल फिजिओयैरेपी क्लीनिक उपलब्ध हैं, जिसमें प्रशिक्षार्थी रोगियों पर व्यवहारिक चिकित्सीय ज्ञान प्राप्त करते हैं।

DIPLOMA IN OPTOMETRY

उपरोक्त पाठ्यकम में छात्र/छात्राओं को नेत्र के रोगो से सम्बिन्धित ज्ञान प्रदान किया जाता है। पाठ्यकम के पूर्ण करने के उपरान्त एक Optometrist चश्में का नम्बर निकालना, लेन्स की फिटिंग, कान्टैक्ट लेन्स फिटिंग, आंसू की नली का इलाज, आंख से सम्बिधित विभिन्न अत्याधुनिक उपकरणों के संचालन में तो परिपक्व हो ही जाता है, साथ ही नेत्र के , छोटे-मोटे रोगो की चिकित्सा हेतु अधिकृत एवं योग्य भी हो जाता है। इसके अतिरिक्त नेत्र सर्जन को शल्य किया एवं अनेक अन्य रोगो की चिकित्सा में भी सहायता प्रदान कर सकता है | पाठ्यकम उत्तीर्ण करने के उपरान्त "नेत्र परीक्षण अधिकारी" के पदनाम से सरकारी नौकरी भी प्राप्त की जा सकती है, प्राइवेट अस्पतालों में रोजगार प्राप्त किया जा सकता है, अपना क्लीनिक एवं चश्में की दुकान भी स्थापित की जा सकती है। शहर हो या गांव, नेत्र रोगियों की संख्या में दिन प्रतिदिन वद्धि होती जा रही है। अतः optometrist की आवश्यकता भी प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है| हमारे संस्थान में ऑसप्टोमेट्री प्रशिक्षण हेतु सभी उपकरण उपलब्ध हैं। नियमित ओ0०पी०डी० संचालन होता है जिससे छात्र/छात्राओं को रोगियों पर व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त हो सके।

DIPLOMA IN OT TECHNICIAN

शल्य किया एक टीम . वर्क' है। इस टीम का सेनापति सर्जन होता है। परन्तु उसको पूर्ण सफलता तब तक प्राप्त नहीं हो सकती जब तक कि वह् ठीम के अन्य सदस्यों जैसे- बेहोशी विशेषज्ञ, ओ०टी0 टेक्नीशियन, नर्स इत्यादि का शत-प्रतिशत सहयोग न प्राप्त करे। डिप्लोमा इन ओ०टी0 टेक्नीशियन पाठ्यकम पूर्ण करके प्रशिक्षार्थी उपरोक्त ठीम का एक अत्याधिक महत्वपूर्ण सदस्य बन जाता है। शल्य किया से पूर्व ऑपरेशन थियेटर को तैयार करना, विभिन्न उपकरणों को व्यवस्थित करना, रोगी को बेहोश करने में सहायता देना एवं शल्य किया के दौरान सर्जन की सहायता करना इत्यादि ओ०टी0 टेक्नीशियन के कार्यक्षेत्र में ही आता है । इसके अतिरिक्त शल्य किया के उपरान्त सर्जन के निर्देशानुसार रोगी की देखभाल का उत्तरदायित्व एक ओ0०टी0० टेक्नीशियन ही पूर्ण करता है। दिन प्रतिदिन प्रशिक्षित ओ०टी0 टेक्नीशियनों की मांग बढ़ती ही जा रही है। उपरोक्त पाठ्यकम की समाप्ति पर अभ्यर्थी को सरकारी नौकरी प्राप्त हो सकती है प्राइवेट अस्पतालों में नौकरी प्राप्त हो सकती है एवं इसके अतिरिक्त विभिन्न surgeons के सम्पर्क में रहकर व्यक्ति स्वंय ही स्वतन्त्र ओ०टी0० टेक्नीशियन के रूप में कार्य कर सकता है। अपने कार्य में सिद्धशस्त ओ०टी टेक्नीशियन के पास इतना कार्य होता है कि दिन के 24 घण्टे भी उसको कम प्रतीत होते हैं। हमारे संस्थान में "डेमो आपरेशन थियेटर" में उपलब्ध उपकरणों पर प्रशिक्षार्थी को व्यावहारिक ज्ञान दिया जाता है एवं सभी प्रमुख आपरेशन की CD प्रदर्शित कर प्रशिक्षार्थी को तकनीक में परिपक्व किया जाता है। तदोपरान्त प्रमुख अस्पतालों के "लाइव आपरेशन थियेटर" में उनको व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होता है ।

DIPLOMA IN CT SCAN TECHNICIAN

सी०टी० स्कैन रोगो की पहचान करने की ऐसी मशीन है जिसका धीमे-धीमे प्रयोग अत्याधिक बढ़ता जा रहा है। अन्तर्रष्टीय स्तर का बड़ा अस्पताल हो या कस्बे का छोटा अस्पताल, सी०टी स्कैन के बगैर कई रोगो की पहचान करना अब मुमकिन नही है। उपरोक्त पाठ्यक्रम की समाप्ति पर प्रशिक्षार्थी सी०टी० स्कैन की मशीन के संचालन, विभिन्न बीमारियों के अनुसार सी०ठी स्कैन मशीन के संचालन की तकनीक की बारीकियों में सिद्धहस्त हो जाता है। सरकारी हो अथवा प्राइवेट, सी०टी० स्कैन टेक्नीशियनों की मांग दिन प्रतिदिन बढती ही जा रही है, जबकि प्रशिक्षित सी०टी० स्कैन टेक्नीशियनों की संख्या देश में अत्याधिक कम है। यही कारण है कि उपरोक्त पाठ्यकम रोजगार प्राप्ति हेतु एक सुनिश्चित कैरियर की गारण्ठी देता है। हमारे पास छात्र/छात्राओं के प्रशिक्षण हेतु न केवल अत्याधुनिक सी0०टी0 स्कैन मशीन उपलब्ध है बल्कि उपरोक्त छात्र/छात्राओं का प्रशिक्षण हमारे पास उपलब्ध एम0आर0०आई0 एवं एक्स-रे मशीन पर भी कराया जाता है जिससे उनकी मांग और ज्यादा बढ़ जाती है।

DIPLOMA IN CARDIOLOGY TECHNICIAN

कार्डियक शब्द का अर्थ होता है हृदय"। अतः डिप्लोमा इन कार्डियक टेक्नीशियन के छात्र/छात्राओं को हृदय रोग से सम्बन्धित उन सभी मशीनों के संचालन का ज्ञान दिया जाता है जो हृदय रोगो की पहचान एवं चिकित्सा के लिये आवश्यक होते हैं । E.C.G. Trade Mill Test, Angiography, Angiplasty , Open heart Surgery इत्यादि कराने वाले रोगियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है परन्तु उस अनुपात में उपलब्ध दक्ष कार्डियोलॉजी टेक्नीशियनों की संख्या नगण्य है, अतः डिप्लोमा इन कार्डियक टेक्नीशियन पाठ्यकम की समाप्ति पर प्रशिक्षार्थी को सरलता के साथ सरकारी, अर्द्धसरकारी एवं निजी क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त हो जाता है। हमारे संस्थान में एक अत्याधुनिक कार्डियोलॉजी लैब उपलब्ध है जिसमें समस्त आधुनिक उपकरण उपलब्ध है। जिसमें प्रशिक्षार्थी को समस्त व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाता है। मात्र दो वर्ष का यह पाठ्यकम प्रशिक्षार्थी को रोजगार के अत्यन्त उत्तम अवसर प्रदान करता है।

 

 

 

 

 

 

Other College Facilities


Auditorium

Cafeteria

Campus

Wi-fi

Sports

Placements



Copyrights © 2023-2024 Admission experts. All rights reserved.   Design & Developed By : Shish Technology